श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के मोदेरगाम गांव में शनिवार को अज्ञात संख्या में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई. फिलहाल छुपे हुए आतंकवादियों की पहचान या संबद्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है.
इस संबंध में जम्मू-कश्मीर में कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक वीके बिरदी ने कहा कि अब तक चार शव देखे गए हैं. उन्होंने कहा कि कुलगाम जिले में दो जगहों पर मुठभेड़ शुरू हुई है और अब तक चनिगाम में चार शव देखे गए हैं और ऑपरेशन भी जारी है. ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी जानकारी दी जा सकेगी.
इससे पहले कुलगाम जिला पुलिस के प्रवक्ता ने इसे लेकर एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ‘कुलगाम जिले के मोदेरगाम गांव में मुठभेड़ शुरू हो गई है. पुलिस और सुरक्षा बल काम पर लगे हुए हैं. आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी.’ फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से कोई अपडेट नहीं दिया गया, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच चल रही गोलीबारी में सेना का एक जवान शहीद हो गया है.
यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा बलों ने 26 जून को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक वन क्षेत्र में छह घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था, जिनके पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन से जुड़े होने का संदेह है.
गौरतलब है कि 11 जून को हुए हमले में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे, जब आतंकवादियों ने चत्तरगल्ला में एक संयुक्त जांच चौकी पर हमला किया था, जबकि अगले दिन गंडोह में कोटा टॉप पर आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था.
कुलगाम में एक अन्य मुठभेड़
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के मोदेरगाम गांव के अलावा चिन्नीगाम गांव में भी शनिवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई. एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने चिन्नीगाम फ्रिसल यारीपोरा इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया.
जब संयुक्त टीमें संदिग्ध स्थान की ओर बढ़ीं, तो छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका जवाब सुरक्षा बलों द्वारा दिया गया, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. यह मुठभेड़ उसी जिले के मोदरगाम गांव में एक अन्य आतंकवाद विरोधी अभियान के कुछ ही घंटों बाद शुरू हुई, जहां कथित तौर पर सेना का एक जवान शहीद हो गया है.
