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Sunday, June 21, 2026
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दिल्ली : IAS कोच‍िंग सेंटर हादसे में FIR, ओनर और को-ऑर्डिनेटर गिरफ्तार; सामने आई बड़ी लापरवाही


नई द‍िल्‍लीः दिल्ली के राजेंद्र नगर के आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से हुई तीन छात्रों की दर्दनाक मौत पर दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है. राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और बेसमेंट में भरे पानी में डूबने से हुई तीनों मृतक छात्रों की पहचान कर ली है. इनकी पहचान श्रेया यादव (अंबेडकर नगर, यू.पी.), तान्या सोनी (तेलंगाना) और नवीन डेल्विन (केरल, एर्नाकुलम) के रूप में की गई है. इस बात की जानकारी रव‍िवार को द‍िल्‍ली पुल‍िस के सेंट्रल ज‍िला डीसीपी एम. हर्षवर्धन ने दी है.
डीसीपी एम. हर्षवर्धन ने बताया क‍ि कोच‍िंग सेंटर हादसे मामले में राजेंद्र नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 106(1), 152, 290 और 35 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर कोचिंग सेंटर, बिल्डिंग के मैनेजमेंट और ड्रेनेज सिस्टम की देखभाल करने वाले और ऐसे लोग जो इन्वेस्टिगेशन में आएंगे, उन सभी के खिलाफ की गई है. दिल्ली पुलिस ने फिलहाल दो लोगों को ड‍िटेन भी किया है, जिसमें बिल्डिंग के ऑनर अभिषेक गुप्ता और को-ऑर्डिनेटर देशपाल स‍िंह हैं. इन्वेस्टिगेशन में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी.
क‍िस धारा में क्‍या-क्‍या प्रावधान

बीएनएस धारा 105: जानबूझकर किए गए कार्यों के ल‍िए धारा 105 के तहत सजा का प्रावधान है. इस धारा के अंतर्गत आजीवन कारावास या किसी भी प्रकार का कारावास (कठोर या साधारण) जिसकी अवधि 5 साल से कम नहीं होगी, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है, साथ ही जुर्माना का भी प्रावधान शाम‍िल है अगर मौत का कारण बनने वाला कार्य किसी की हत्या करने के इरादे से किया गया हो.

धारा 106 (1): यदि कोई व्यक्ति लापरवाही द्वारा या जल्दबाजी के कारण किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है तो उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत कार्रवाई की जाती है.

बीएनएस की धारा 152 भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कार्यों को गैरकानूनी घोषित करती है और इसमें ‘विध्वंसक गतिविधियां’ या ‘अलगाववादी गतिविधियों की भावनाओं’ को प्रोत्साहित करना या ‘भारत की संप्रभुता या एकता और अखंडता’ को खतरे में डालना शामिल है.

भारतीय न्याय संहिता की धारा 290 के अंतर्गत इमारतों को गिराने या मरम्मत करने के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण बरतने की कार्रवाई की जाएगी.

बीएनएस धारा 35 के तहत शरीर और संपत्ति की प्राइवेट रक्षा का अधिकार शाम‍िल है.

क्या बोले डीसीपी
डीसीपी ने बताया क‍ि कोच‍िंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने के सूचना म‍िलने के बाद वहां पर रात में रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन चलाया गया था ज‍िसमें द‍िल्‍ली पुल‍िस, द‍िल्‍ली फायर सर्व‍िस और एनडीआरएफ की टीम शाम‍िल थी. इस दौरान तीन बॉडीज को र‍िकवर क‍िया गया था ज‍िनकी पहचान कर उनके पर‍िजनों को सूच‍ित कर द‍िया गया.
गौरतलब है क‍ि कल शन‍िवार को RAU’S IAS STUDY CIRCLE के बेसमेंट में करीब 12 फीट तक पानी भर गया था. बार‍िश और ड्रेन के पानी के भर जाने की वजह से कोच‍िंग सेंटर की लाइब्रेरी में तीन छात्र फंस गये थे ज‍िनके शवों को देर रात तक चले ज्‍वाइंट रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर ल‍िया गया.


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