लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाथरस हादसे को बहुत दर्दनाक और दुःखद बताया है. उन्होंने कहा कि हादसे को लेकर हमें और हमारी पार्टी को बहुत दुःख है. जिन लोगों की जान गई है, उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है. इस घटना में पूरी सरकार और प्रशासन की लापरवाही है. सरकार के पास जानकारी थी, उसके बावजूद जरूरी इंतजाम नहीं किए गये. लापरवाही की वजह से जानें गई है, उसकी जिम्मेदार सरकार है. जानें बच सकती थी, लेकिन सरकार एम्बूलेंस और गाड़ियों की व्यवस्था नहीं कर पाई. जो घायल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिला. न दवाएं मिली न ऑक्सीजन मिली. लोगों को बचाने का कोई इंतजाम नहीं था. इस सबके लिए बीजेपी सरकार जिम्मेदार है.
पीएम रिपोर्ट में खुलासा ज्यादातर की मौत दम घुटने से
आगरा: आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में 21 शव के पोस्टमार्टम किए गए. जिसकी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि, ज्यादातर मौतें दम घुटने यानी एस्फिक्सिया के चलते हुआ है. 21 में से 3 डेड बॉडी के हेड इंजरी थी. इसके साथ ही तीन की पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह शॉक एंड हैमरेज आया है. जिनमें से ज्यादातर मामलों में छाती में खून जमने से दम घुटा है. जितने शव आए हैं. सबके शरीर मिट्टी से भरे हुए थे. पोस्टमार्टम में तीन शव के पीएम में हेड इंजरी थी. तीन की मौत शॉक एंड हैमरेज से हुई थी. बांकी की मौत दम घुटने से हुई.
हाथरस से पहले इटावा में सत्यसंग करने की बनी थी योजना
इटावा: हाथरस सत्यसंग से पहले उसकी योजना इटावा में बनाई गई थी. भोले बाबा के अनुयायियों ने इसके लिए इटावा में स्थान भी फाइनल कर लिया, और डीएम के दफ्तर में अनुमति की फाइल भी लगा दी. हालांकि तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए इटावा के डीएम ने इस आयोजन के लिए अनुमति ही नहीं दी. ऐसे में आनन फानन में यह कार्यक्रम हाथरस में लगाया गया बताया जा रहा है कि 2 जुलाई को विचारपुरा ग्राम पंचायत में कार्यक्रम होना था, रेलवे लाइन के किनारे होने के कारण जिलाधिकारी ने परमिशन नहीं दी थी.
सभी मृतकों के परिजनों को सरकार देगी मुआवजा
लखनऊ: हाथरस हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ 3 अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी शामिल हैं. इनमें मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के श्रद्धालु शामिल हैं. वहीं, प्रदेश के अंदर 17 जिलों के श्रद्धालुओं की भी मृत्यु हुई है. इन सभी मृतकों के परिजनों को योगी सरकार सहायता राशि प्रदान करेगी. जिला प्रशासन की से जारी सूची में 6 मृतक दूसरे राज्यों से हैं. इनमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक, हरियाणा के पलवल से एक और फरीदाबाद से 3, जबकि राजस्थान के डीग से 1 श्रद्धालु शामिल हैं. इनको भी मुआवजा देने की घोषणा की गई है.
